Posts

Showing posts from March, 2019

होली(holi)

होली(holi) भक्त प्रहलाद के बचने की याद में होली मनाई जाती हैं संक्षिप्त कथा:- हिरण्याकश्यपु के बेटे का नाम प्रहलाद था | हिरण्यकश्यपु अपने राज में केवल अपने आप को ही भगवान बनाकर पब्लिक से पूजवाता था और विरोध करने वाले मार देता था ,जब प्रहलाद को पता चला कि भगवान उसके पापा नहीं बल्कि कोई और हैं तो वह गुरु बनाकर भगवान की भक्ति करने लगा,जब हिरण्याकश्यपु को पता चला कि मेरा बेटा और को पूजने लग गया है तो उसने प्रहलाद को मारने के लिए कई यातनाएं दी ओर एक दिन अपनी बहन होलिका को कहा हैं कि तुम्हें वरदान है कि तुम जलोगी नहीं तो अग्नि जलाकर उसमें बैठ जाओ और  तुम प्रहलाद को लेकर अपनी गोद बिठा लो ताकि यह मर जाए ,तब होलिका ने ऐसा ही किया लेकिन भक्त प्रहलाद परमात्मा की भक्ति के कारण जला नहीं और उल्टी होलिका ही जल गई ,तब से होली एक त्यौहार के रुप में मनाया जाता हैं लेकिन भाईयों असली होली का त्यौहार आप रोज परमात्मा की भक्ति करके मना सकते हो,रंग फेकना,नाचना, कूदना होली मनाना नहीं होता बल्कि सतगुरु जी से नामदीक्षा लेकर भक्ति करना ही असली होली मनाना हैं जिससे आपको प्रहलाद की तरह लाभ होंगे लेकिन वर...